Flexi Cap Fund क्या हैं | सम्पूर्ण जानकारी 2022

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Flexi Cap Fund Kya hai: हाल ही में सेबी ने म्यूचुअल फंड में एक नई श्रेणी शुरू की है। इस कैटेगरी को फ्लेक्सी कैप फंड के नाम से लॉन्च किया गया है। फ्लेक्सी कैप फंड एक नई म्यूचुअल फंड श्रेणी है जिसे हाल ही में लॉन्च किया गया है।

सितंबर 2020 में सेबी द्वारा मल्टीकैप फंड के नियमों में भारी बदलाव किया गया। तब से, मल्टी कैप श्रेणी इतनी आकर्षक नहीं रह गई थी। मल्टीकैप में बदलाव से निवेशक थोड़े निराश थे, लेकिन सेबी ने जल्द ही इसी तरह की नई कैटेगरी लॉन्च कर उस समस्या को खत्म कर दिया।(Flexi Cap Fund Kya hai)

मल्टी कैप में सभी बदलाव फंड हाउसों को फरवरी 2021 से पहले करने थे। इन सबको ध्यान में रखते हुए फ्लेक्सी कैप कैटेगरी फंड लॉन्च किया गया है।

इस लेख में, हम फ्लेक्सी कैप फंड के बारे में विस्तार से बात करेंगे, जिसमें फ्लेक्सी कैप फंड क्या हैं, उनमें किसे निवेश करना चाहिए।

Flexi Cap Fund क्या हैं?(Flexi Cap Fund Kya hai) 

फ्लेक्सी कैप फंड्स की नई कैटेगरी को पुरानी मल्टीकैप स्कीमों की तर्ज पर तैयार किया गया है। फ्लेक्सी कैप फंड जैसा कि नाम से पता चलता है, ये श्रेणियां अपने फंड चुनने के लिए स्वतंत्र हैं।

म्यूचुअल फंड की फ्लेक्सी कैप फंड श्रेणी में, पोर्टफोलियो आवंटन का न्यूनतम 65% इक्विटी और इक्विटी ओरिएंटेड फंड में होता है। इसमें 65% फंड मैनेजर बिना किसी पूर्व निर्धारित सीमा के अपनी पसंद के अनुसार लार्ज कैप, मिड कैप या स्मॉल कैप में निवेश कर सकते हैं।

फ्लेक्सी कैप फंड में मल्टी कैप कैटेगरी की तरह कोई निश्चित आवंटन नियम नहीं होता है।

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फ्लेक्सी कैप फण्ड में कितनी रिस्क होती हैं?

फ्लेक्सी कैप फंड इक्विटी में अपने निवेश के कारण उच्च स्तर का जोखिम उठाते हैं। फ्लेक्सी कैप म्यूचुअल फंड में स्मॉल कैप की तुलना में कम जोखिम और लार्ज कैप की तुलना में अधिक जोखिम होता है।

लेकिन लंबे समय तक निवेश में रहकर इस हाई रिस्क को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

फ्लेक्सी कैप म्यूच्यूअल फण्ड के फायदे

  • फंड मैनेजर बिना किसी बाध्यता के सभी प्रकार के बाजार पूंजीकरण के शेयरों में निवेश कर सकता है। इससे फंड मैनेजर निवेशकों के लिए बेहतरीन परिणाम निकाल सकता है।
  • लार्ज, मिड, स्मॉल कैप का मिश्रण पोर्टफोलियो में विविधता लाता है। अच्छे विविधीकरण के कारण समग्र जोखिम की मात्रा भी कम होती है।

फ्लेक्सी कैप फण्ड कैसे काम करता हैं

इस फंड का फंड मैनेजर बिना किसी लिमिट के सभी तरह के मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनियों में निवेश कर सकता है। फ्लेक्सी कैप म्यूचुअल फंड के फंड मैनेजर फंड के उद्देश्यों के अनुसार उच्च विकास वाली छोटी कंपनियों या लार्ज कैप कंपनियों में निवेश कर सकते हैं।(Flexi Cap Fund Kya hai)

फंड मैनेजर को पूरे पोर्टफोलियो का कम से कम 65 फीसदी इक्विटी में निवेश करना होता है। वह चाहें तो इक्विटी का हिस्सा भी बढ़ा सकते हैं। चूंकि इक्विटी शेयर अधिक है, इसलिए यह उच्च जोखिम वाला रहता है।

फ्लेक्सी कैप फंड में किसे निवेश करना चाहिए 

ये फंड उन निवेशकों के लिए सबसे अच्छे माने जाते हैं जो ज्यादा जोखिम लेने के लिए तैयार रहते हैं। इक्विटी फंड होने के कारण इसमें काफी जोखिम होता है।

ऐसे निवेशक जो कोई जोखिम उठाने को तैयार नहीं हैं, उन्हें ऐसे फंड से दूर रहना चाहिए। ध्यान रखें कि फ्लेक्सी कैप फंड में निवेश करते समय आपकी समयावधि लंबी अवधि की होनी चाहिए। अगर आप सिर्फ 1-2 साल के लिए निवेश करना चाहते हैं तो आपको ऐसे फंड में निवेश नहीं करना चाहिए।(Flexi Cap Fund Kya hai)

आप अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए फ्लेक्सी कैप म्यूचुअल फंड में भी निवेश कर सकते हैं।

क्यों आवश्यकता पड़ी Flexi Cap Fund की

देखिए दोस्तों, जैसा ऊपर बताया गया है, सितंबर 2020 में मल्टी कैप कैटेगरी के नियमों में बदलाव किया गया था। अब नए नियमों के चलते मल्टीकैप्स को मैनेज करने वाले फंड मैनेजर्स को 25% का एकसमान आवंटन लागू करने की दुविधा का सामना करना पड़ा।(Flexi Cap Fund Kya hai)

आइए इसे एक उदाहरण की मदद से समझने की कोशिश करते हैं। मान लीजिए कि एक मल्टी कैप म्यूचुअल फंड में 40% शेयर लार्ज कैप फंड में निवेश किया गया है। अब नए नियमों के मुताबिक, मल्टी कैप कैटेगरी में 75 फीसदी निवेश इक्विटी या इक्विटी ओरिएंटेड फंड्स में होना चाहिए। जिसमें लार्जकैप, स्मॉल और मिडकैप तीनों में समान 25 फीसदी निवेश करना होगा |

अब इस उदाहरण में फंड मैनेजर के लिए लार्ज कैप को 40% से घटाकर 25% करना बहुत मुश्किल हो सकता है। इसके साथ ही उसे जारी किए गए पैसों में से नए शेयरों का भी चयन करना होगा। अगर फंड मैनेजर को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो वह अपनी मल्टी कैप फंड कैटेगरी को फिर से वर्गीकृत कर सकता है।

जिसका ताजा उदाहरण मोतीलाल ओसवाल मल्टीकैप 35 प्लान है जो पहले एक मल्टी कैप प्लान था जो अब फ्लेक्सी कैप फंड प्लान होगा।

निवेशकों की परेशानी

अगर कोई निवेशक किसी पुराने मल्टीकैप फंड स्कीम में निवेश कर रहा था और उसकी स्कीम अच्छा प्रदर्शन कर रही थी. लेकिन सेबी के नए वर्गीकरण के बाद निवेशकों को डर था कि क्या करें, अब उनके पास दो विकल्प हैं या तो पुरानी मल्टीकैप स्कीम में बने रहें या इससे बाहर निकलें और समान पोर्टफोलियो वाली फ्लेक्सी कैप फंड स्कीम चुनें।

AMC/ Fund House के पास विकल्प

सेबी ने एएमसी/फंड हाउसों को पुरानी मल्टी कैप स्कीम को बिना किसी बदलाव के पुनर्वर्गीकृत करने का विकल्प दिया है। यानी आप मल्टी कैप फंड को फ्लेक्सी कैप फंड स्कीम में बदल सकते हैं।(Flexi Cap Fund Kya hai)

अगर वह ऐसा करता है तो उसे पुराने निवेशकों को बिना किसी एग्जिट लोड के स्कीम से बाहर निकलने के लिए 30 दिन का समय देना होगा।

Conclusion : Flexi Cap Fund kya hai?

अगर आप किसी ऐसे मल्टीकैप फंड में निवेश कर रहे हैं जो अच्छा प्रदर्शन कर रहा है तो आप पुरानी स्कीम से चिपके रह सकते हैं. भले ही पुराने मल्टी कैप फंड को फ्लेक्सी कैप फंड में बदल दिया जाए, फिर भी आप इसके साथ बने रह सकते हैं।

लेकिन अगर आप किसी नए लॉन्च किए गए Flexi Cap Mutual Fund में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो मेरी राय में आपको हाल ही में उनसे दूर रहना चाहिए।

दोस्तों आज आप समझ गए होंगे कि Flexi Cap Fund Kya hai?, अगर आपका इससे जुड़ा कोई सवाल है तो आप हमें Comment Box के जरिए पूछ सकते हैं।

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मेरा नाम विशाल कुशवाहा है और मैं Uttar Pradesh के प्रयागराज शहर मे रहता हु।अभी मै Graducation last year (B.SC.) का Student हूँ | मुझे Share Market, finance, Cryptocurrency, Investment, और Digital Marketing के बारे में पढ़ने और लिखने का शौक है।मै इस Blog के माध्यम से Readers को Share Market और finance और निवेश की जानकारी हिंदी भाषा में देना चाहता हूँ ।

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